तहज्जुद की नमाज़: अल्लाह से बातें करने का सबसे बेहतरीन वक्त
अस्सलाम वालेकुम दोस्तों! आज हम बात करेंगे एक ऐसी नमाज़ के बारे में जिसे 'इश्क की नमाज़' भी कहा जाता है—तहज्जुद। जब पूरी दुनिया सो रही होती है, उस वक्त अपने रब के सामने झुकना और अपनी खुशियों या परेशानियों के लिए उससे दुआ करना एक अलग ही अहसास देता है।
अगर आप अपनी जिंदगी में सुकून चाहते हैं या आपकी कोई ऐसी दुआ है जो आप चाहते हैं कि कुबूल हो, तो तहज्जुद का रास्ता अपनाएं।
तहज्जुद का वक्त क्या है?
तहज्जुद की नमाज़ रात के आखिरी हिस्से में पढ़ी जाती है। आसान लफ्जों में कहें तो इशा की नमाज़ के बाद सोकर उठने और फज्र का वक्त शुरू होने से पहले के वक्त को तहज्जुद का वक्त कहते हैं। रात का तीसरा हिस्सा सबसे अफजल (बेहतर) माना जाता है।
नमाज़ की रकात कितनी होनी चाहिए?
तहज्जुद में कम से कम 2 रकात और ज्यादा से ज्यादा 12 रकात तक पढ़ी जा सकती हैं। आप 2-2 रकात करके इसे अपनी सहूलियत के हिसाब से पढ़ सकते हैं।
तहज्जुद पढ़ने का पूरा तरीका (Step-by-Step)
* नियत करना: सबसे पहले नियत करें। नियत दिल के इरादे को कहते हैं, जुबान से कहना जरूरी नहीं, पर आप कह सकते हैं— "नियत की मैंने 2 रकात नमाज़ नफ़्ल तहज्जुद की, वास्ते अल्लाह तआला के, रुख मेरा काबा शरीफ की तरफ।"
* नमाज़ शुरू करना: 'अल्लाहु अकबर' कहकर हाथ बांध लें और जैसे आप आम नमाज़ पढ़ते हैं, वैसे ही सना, सूरह फातिहा और कोई भी एक सूरह पढ़ें।
* रुकू और सजदा: पूरी पाबंदी और सुकून के साथ रुकू और सजदे मुकम्मल करें। याद रहे, तहज्जुद में सजदे थोड़े लंबे करना बहुत सवाब का काम है।
* सलाम फेरना: 2 रकात पूरी होने पर अत्तहियात, दरूद इब्राहिम और दुआ-ए-मासूरा पढ़कर सलाम फेर दें।
* दुआ मांगना: नमाज़ पूरी करने के बाद हाथ उठाकर अपने रब से खूब बातें करें। रोकर, गिड़गिड़ाकर अपनी हाजतें मांगें। यह वो वक्त होता है जब अल्लाह खुद पुकारता है कि— "है कोई मांगने वाला जिसे मैं अता करूँ?"
कुछ जरूरी बातें:
* तहज्जुद के लिए सोकर उठना सुन्नत है, लेकिन अगर कोई रात भर जागा हो और फज्र से पहले पढ़ ले, तो भी नमाज़ हो जाएगी।
* कोशिश करें कि वित्र की नमाज़ को तहज्जुद के बाद पढ़ें, लेकिन अगर आप इशा के साथ पढ़ चुके हैं, तो दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं।
वेबसाइट के लिए सुझाव: आप इस आर्टिकल के नीचे एक छोटा सा 'FAQ' सेक्शन भी जोड़ सकते हैं जहाँ लोग सवाल पूछ सकें।
क्या आप चाहेंगे कि मैं Islamibaba.in के लिए इस आर्टिकल का एक अच्छा सा Meta Description (Google सर्च के लिए छोटा सारां
श) भी लिख कर दूँ?

0 टिप्पणियाँ